
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शनिवार को राजनीति ने ऐसा यू-टर्न लिया कि सत्ता और विपक्ष की लाइनें कुछ देर के लिए धुंधली हो गईं। BJP की नवनिर्वाचित विधायक देवयानी राणा जब सरकार के बजट पर हमला बोल रही थीं, तब सत्ता पक्ष की नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक मेज थपथपाकर तारीफ कर रहे थे। Assembly में ये नजारा कम और political poetry ज़्यादा लग रहा था।
पहला भाषण, लेकिन Confidence पुराना
यह देवयानी राणा का विधानसभा में पहला भाषण था, लेकिन शब्दों में झिझक नहीं थी। जैसे ही वह खड़ी हुईं, स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने सदन से अपील की, “पहली बार बोल रही विधायक का हौसला बढ़ाइए।”
और फिर हुआ वही, जो आमतौर पर राजनीति में नहीं होता—Opposition बोली, Government ने ताली बजाई।
पिता की विरासत और सियासी सम्मान
देवयानी राणा, दिवंगत नेता देविंदर सिंह राणा की बेटी हैं, जिनका राजनीतिक सफर नेशनल कॉन्फ्रेंस से शुरू होकर भाजपा तक पहुंचा।
उनकी मृत्यु के बाद भी, NC नेतृत्व—खासतौर पर उमर अब्दुल्ला—का सम्मान साफ दिखा। यही वजह रही कि उपचुनाव में NC ने नगरोटा सीट पर सिर्फ symbolic contest किया।

1.13 लाख करोड़ के बजट पर तीखे सवाल
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा पेश किए गए ₹1.13 लाख करोड़ के बजट पर देवयानी राणा ने करीब 12 मिनट का सधा हुआ, लेकिन तीखा भाषण दिया। उन्होंने विकास के दावों, क्षेत्रीय असंतुलन और ground reality पर सवाल उठाए—बिना शोर, बिना नारे।
तारीफ किस बात की थी?
सवाल ये नहीं कि NC विधायकों ने ताली क्यों बजाई, सवाल ये है क्या ये भाषण का सम्मान था या Devinder Rana की विरासत का? शायद दोनों का mix था—और शायद यही राजनीति का सबसे दिलचस्प हिस्सा।
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